अनुसंधान एवं विकास
हमारा अनुसंधान एवं विकास केंद्र
नवाचार हमेशा से ऋषि हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की नींव रहा है। कंपनी ने एक आधुनिक इन-हाउस अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किया है, जो ऐसे बेहतरीन हाइब्रिड और उन्नत किस्में विकसित करने के लिए समर्पित है जो भारतीय खेती की बदलती चुनौतियों का सामना कर सकें।
सुविधाएँ
अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम को योग्य पौध प्रजनन वैज्ञानिकों, अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों, समर्पित अनुसंधान फ़ार्म, जर्मप्लाज्म भंडार, संकरण ब्लॉक, बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं, ग्रो-आउट टेस्ट (GOT) सुविधाओं और वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रणालियों का सहारा है। अनुसंधान कार्यों में जर्मप्लाज्म का संग्रह और लक्षण-वर्णन, पैतृक लाइन का विकास, संकरण, गुणों में सुधार, रोग और तनाव की जाँच, न्यूक्लियस बीज उत्पादन, कई जगहों पर परीक्षण और खेत में प्रदर्शन का पूरा मूल्यांकन शामिल है।
हमारा ध्यान
ऋषि हाइब्रिड सीड्स खेत और सब्ज़ी फसलों के लिए ज़्यादा पैदावार वाले, बदलते मौसम को झेलने वाले, रोग-सहनशील और हर तरह की परिस्थिति के अनुकूल हाइब्रिड विकसित करने पर ध्यान देती है, जिनमें मक्का, धान, मिर्च, टमाटर, सूरजमुखी, सरसों, बाजरा, ज्वार, अरहर, कद्दू वर्गीय फसलें और दूसरी व्यावसायिक रूप से अहम फसलें शामिल हैं। अलग-अलग खेती की परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन पक्का करने के लिए कंपनी उन्नत प्रजनन पद्धतियों, वैज्ञानिक प्रयोगों और गुणवत्ता पर आधारित बीज उत्पादन में लगातार निवेश करती है।
स्वतंत्र रूप से मान्यता प्राप्त
कंपनी की अनुसंधान सुविधाओं और प्रजनन कार्यक्रमों का मूल्यांकन और मान्यता स्वतंत्र विशेषज्ञ समितियों ने की है, जिनमें ANGRAU और Dr. YSR बागवानी विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बीज प्रमाणन अधिकारी और सीडमेन एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल थे। कंपनी की अनुसंधान सुविधाओं, तकनीकी कर्मचारियों, प्रजनन कार्यक्रमों और प्रस्तावित हाइब्रिड की विशिष्टता, एकरूपता, स्थिरता (DUS), अनुकूलता और पैदावार के कड़े वैज्ञानिक आकलन के बाद, समितियों ने खेत और सब्ज़ी फसलों के 32 बेहतरीन हाइब्रिड और किस्मों को कृषि विभाग द्वारा जारी केंद्रीकृत बीज लाइसेंस में शामिल करके व्यावसायिक बिक्री के लिए अनुशंसित किया।
आगे की सोच
इस मज़बूत वैज्ञानिक नींव पर आगे बढ़ते हुए, कंपनी मौसम के अनुकूल प्रजनन, रोग-प्रतिरोधी हाइब्रिड के विकास, पोषण गुणवत्ता में सुधार और सटीक प्रजनन तकनीकों में लगातार निवेश कर रही है। आधुनिक प्रजनन तरीकों को बड़े पैमाने पर खेत मूल्यांकन और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों के साथ जोड़कर, ऋषि हाइब्रिड सीड्स ऐसी नई और बेहतरीन बीज तकनीकें देने के लिए प्रतिबद्ध है जो किसानों की उपज बढ़ाएँ, खेती को टिकाऊ बनाएँ और भारत की खाद्य और पोषण सुरक्षा में योगदान दें।
हमारी अनुसंधान एवं विकास टीम से बात करें
तकनीकी सवालों, परीक्षण परिणामों या अनुसंधान में सहयोग के लिए हमारी अनुसंधान एवं विकास टीम को लिखें।
गुणवत्ता
कटाई के बाद हर बीज लॉट को हमारे अपने प्लांट में सुखाया, छाँटा, प्रोसेस और पैक किया जाता है।
कटे हुए भुट्टों को हमारे मक्का भुट्टा ड्रायर में सुखाया जाता है – हर चक्र में 150 टन।
कटाई के बाद मक्का के भुट्टे हमारे प्लांट में आकर सीधे भुट्टा ड्रायर में जाते हैं। सुखाने से भुट्टों की नमी सुरक्षित स्तर तक आ जाती है, जिससे बीज अच्छी तरह भंडारित रहता है और बुवाई तक उसकी अंकुरण क्षमता बनी रहती है।
कन्वेयर पर भुट्टों को हाथ से छाँटा जाता है; खराब और दूसरी किस्म के भुट्टे हटा दिए जाते हैं।
सूखे भुट्टे कन्वेयर पर आगे बढ़ते हैं, जहाँ हमारी टीम हर भुट्टे को हाथ से जाँचती है। खराब, रोगग्रस्त और दूसरी किस्म के भुट्टे निकाल दिए जाते हैं, ताकि केवल स्वस्थ और सही किस्म के भुट्टे ही प्रोसेसिंग के लिए जाएँ।
हमारे प्रोसेसिंग प्लांट में बीज की सफ़ाई और ग्रेडिंग की जाती है।
हमारे प्रोसेसिंग प्लांट में बीज की मशीन से सफ़ाई और ग्रेडिंग की जाती है। धूल, टूटे और हल्के दाने हटाए जाते हैं और बीज को आकार के अनुसार छाँटा जाता है, ताकि हर पैकेट में एक समान बीज हो जो बराबर बोया जा सके।
परखे हुए बीज को ऋषि पैकेट में पैक और सील किया जाता है – हमारे डिस्ट्रीब्यूटर और डीलरों के लिए तैयार।
ग्रेड किए गए बीज को हमारी पैकिंग मशीन पर तौलकर, किस्म के नाम वाले सील बंद ऋषि पैकेट में पैक किया जाता है। फिर पैकेट भंडारित करके हमारे डिस्ट्रीब्यूटर और डीलरों को भेजे जाते हैं।
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